Desh Prem Essay In Hindi

Desh Prem Essay In Hindi

Desh Prem Essay In Hindi:एक माँ के प्रति हर बच्चे को प्रेम, आदर और सन्मान भाव होता है क्योंकि माँ बच्चे को जन्म देती है और उनकी गोद में खेलकर बच्चा बड़ा होता है।

Desh Prem Essay In Hindi

ठीक वैसे ही हर व्यक्ति को अपने देश के प्रति प्रेम होता है क्योंकि देश की मिटटी में वो पले बड़े होते है। देश की मातृभूमि के साथ हर व्यक्ति को एक अनोखा लगाव होता है।

प्रस्तावना

देश प्रेम का अर्थ है अपने देश के लोगों, देश की मिट्टी, संस्कृति और मातृभाषा से प्यार करना, देश की प्रगति और समृद्धि के लिए काम करना और जरुरत पड़ने पर देश के लिए अपनी जान न्योछार करना। एक देश प्रेमी के लिए देश का विकास ही अपने जीवन का एक मात्र ध्येय होता है। देश प्रेम राष्ट्र को गौरव की ऊंचाइयों तक ले जाता है। किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत वहां के नागरिकों का देश के प्रति प्रेम है।

देश प्रेम का महत्व

इमर्सन ने कहा है की, “सच्चे देशभक्त राष्ट्र की संपत्ति होते हैं”। देश की प्रगति और देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक में देश प्रेम होना बेहद जरुरी है। जिस देश के नागरिकों में देशप्रेम नहीं हैं, वह राष्ट्र कभी तरक्की नहीं कर सकता। वह राष्ट्र हमेशा दुश्मनों के बुरे मंसूबों का शिकार होता है। देश प्रेम व्यक्ति को एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है। देश प्रेम नागरिकों  के बीच एकता और भावचारे की भावना को बढ़ाता है, जो राष्ट्र को सतत प्रगति की ओर ले जाता है।

देश की स्वतंत्रता और शांति के लिए देश प्रेम की भावना होना जरुरी है। देश के सुधार और विकास के लिए देश प्रेम की भावना होना आवश्यक है। देशप्रेम किसी भी स्वार्थी और हानिकारक तत्वों को नाबूद करता है, जिसके चलते भ्रष्टाचार को कम होता है। इसी तरह जब सरकार भ्रष्टाचार मुक्त होगी तो  देश तेजी से विकास करेंगा।

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देश प्रेम के गुण

देश प्रेम होना एक महान गुण है। देश से प्रेम करने वाला एक राष्ट्र भक्त में अपना सर्वोच्च त्याग करना, निस्वार्थ होना और सर्वस्व समर्पण का भाव जैसे गुण होते है। वतन के प्रति  प्रेम व वफादारी और मर मिटने की भावना होती है। देश को प्रेम करना एक तपस्या है। जीवन भर काँटों की सेज पर चलना पड़ता है। देशप्रेम की भावना में ओत-प्रोत होकर ही सैनिक सीमा पर और खिलाड़ी खेल के मैदान पर असाधारण प्रदर्शन कर जाते हैं।

सिर्फ सीमा पर लड़ने वाला सैनिक ही देशप्रेमी नहीं होता लेकिन विश्व में देश का नाम रोशन करने वाले वैज्ञानिक, खिलाड़ी, कवि, लेखक, समाज सुधारकों, कलाकारों और समाज सेवकों भी महान देशभक्तों की श्रेणी में आते हैं। देश में बसने वाला हर एक आम नागरिक भी एक देशप्रेमी होता है, भले ही देश प्रेम के प्रति उनका सहयोग छोटा क्यों ना हो।

सच्चा देश प्रेमी अपनी मातृभूमि को स्वर्ग से भी उच्च मानता है। अपने तन, मन और धन से देश की सेवा करता है। देश पर अपने प्राणों की आहुति देने वाला देश प्रेमी मर के भी कभी नही मरता और सदा के लिए वो अमर हो जाता है। उनकी समाधी पर फूल और लोगों के मेले लगते है और उसके जीवन से लोग प्रेरणा लेते है।

भारत के महान देशभक्त

भारत में शुरू से ही देश प्रेमियों के कई किस्से रहे है। स्वतंत्रता संग्राम ने विभिन्न देशभक्तों को जन्म दिया है। भारतीय स्वतंत्रता सेनानी देशभक्ति से ओतप्रोत थे, इसलिए इन देशभक्तों ने देश के फलने-फूलने और समृद्ध होने के लिए अपने प्राणों का बलिदान तक दे दिया है। उनके नाम इतिहास आज भारत के सुवर्ण इतिहास में बड़े गर्व और सन्मान के साथ जोड़े गए है।

देशभक्त शिवाजी, राणा प्रताप, वीर कुंवर सिंह, रानी लक्ष्मी बाई, शहीद भगत सिंह, मौलाना आजाद, नेताजी बोस, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे अनगिनत लोगों ने अपनी खुद की परवाह किए बिना निस्वार्थ भाव से देश की रक्षा और सन्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

आज हम लोग अपने देश में सुख, शांति औरआनंद से रहते है क्योंकि भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने देश प्रेम में रंगकर अपना सर्वस्य त्याग कर देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण का बलिदान दे दिया।

देशभक्ति का अनुभव स्थापित किया जाना चाहिए

अतीत में, विशेष रूप से ब्रिटिश शासनकाल के दौरान, कई लोग अपने देशवासियों के अंदर देशभक्ति की भावना पैदा करने के लिए आगे आए। देशभक्तों ने बैठकों का आयोजन किया तथा उनके आसपास के लोगों को प्रेरित करने के लिए भाषण देते हुए कई उदाहरणों का उपयोग किया। उसी प्रकार, जब बच्चे छोटें हो तभी से उनके अन्दर देशभक्ति की भावना पैदा की जानी चाहिए। स्कूलों और कॉलेजों में भी बच्चों के अन्दर अपने देश के प्रति प्यार और सम्मान की भावना को स्थापित करना चाहिए।

कई संस्थान 15 अगस्त और 26 जनवरी को समारोह एवं कार्यक्रम आयोजित करते हैं, उनमें देशभक्ति गीत गाए जाते हैं और उस दौरान देशभक्ति की भावना आसपास के पूरे देश को घेरी रहती है। लेकिन क्या यह असली देशभक्ति है?  नहीं! ऐसा वातावरण सामान्य रूप से सदैव होना चाहिए ना कि केवल इन विशेष तिथियों के आसपास ही। तभी जाके ये भावनाएं हमेशा के लिए हर नागरिक के दिल में बैठ जाएगी।

वो देश निश्चित रूप से बेहतर हो जाता है, जहां के युवा अपने देश से प्यार करते है तथा उस देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने की दिशा में कार्य करते है।

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प्रसिद्ध भारतीय देशभक्त

यहां ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कुछ सच्चे देशभक्तों पर एक नज़र –

शहीद भगत सिंह

भगत सिंह जी को एक सच्चा देशभक्त माना जाता है। उन्होंने हमारे देश को ब्रिटिश सरकार के गुलामी से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्रता संग्रामों में भाग लिया और एक क्रांति शुरू की। वे अपने मिशन के प्रति इतने समर्पित थे कि उन्होंने मातृभूमि के प्रति अपने प्राण त्यागने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। वे कई नागरिकों के लिए एक प्रेरणा साबित हुए।

सुभाष चंद्र बोस

सुभाष चंद्र बोस जी को नेताजी के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने भारत को अंग्रेज सरकार के गुलामी से मुक्त कराने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाई और वे अपने मजबूत विचारधाराओं के लिए जाने जाते है। विभिन्न स्वतंत्रता आंदोलनों का हिस्सा होने के अलावा बोस जी अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने में अन्य सेनानियों का भी साथ दिये, बोस जी ने हिंदू-मुस्लिम की एकता को भी बढ़ावा दिया।

बाल गंगा धर तिलक

बाल गंगा धर तिलक जी देशभक्ति की भावना से जुड़े हुए थे। उनका कहना था कि, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” इससे यह निर्धारित होता है कि वे कैसे ब्रिटिश शासकों के अत्याचारों से देश को मुक्त करने में सक्षम थे। तिलक जी ब्रिटिश सरकार के क्रूर व्यवहार की निंदा करते हुए भारत के नागरिकों के लिए स्वयं सरकार के अधिकार की मांग की।

मोहनदास करमचन्द गांधी

भारत में स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनका योगदान सभी के द्वारा जाना जाता है कि कैसे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अनेक स्वतंत्रता आंदोलनों का नेतृत्व किया है। वे “सादा जीवन उच्च विचार” के एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता का सपना देखा और उसे अद्वितीय तरीके से इसे प्राप्त करने की दिशा में कड़ी मेहनत की।.

सरोजनी नायडू

अपने समय की एक प्रसिद्ध गायिका सरोजिनी नायडू जी भी दिल से एक देशभक्त थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने की दिशा में अपना योगदान भी  दिया। इन्होंने नागरिक अवज्ञा आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके कारण उन्हें अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान फिर से इन्हें गिरफ्तार किया गया, परन्तु फिर भी इनके दिल से देशभक्ति की भावना नहीं मिटी।

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credit:Content Writer

उपसंहार –

भारत के नागरिकों को जितना हो सके, देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। नागरिकों के बीच देशभक्ति की भावना को उजागर करने के लिए सरकार, स्कूलों और अन्य संस्थानों को पहल करनी चाहिए।

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