Internet Essay In Hindi

Internet Essay In Hindi

Internet Essay In Hindi:इंटरनेट’ शब्द को आज सभी लोग जानते हैं। बच्चे हों या बड़े सभी लोग इसका प्रयोग करना अच्छी तरह से जानते हैं। अगर सही अर्थों में देखा जाए तो आज इंटरनेट हम सभी के लिए जीने की वजह बन चुका है।

Internet Essay In Hindi

इंटरनेट ने आज हमारी बहुत सी मुश्किलों को आसान कर दिया है जिसकी वजह से हमें हर काम बहुत आसान लगता है।

प्रस्तावना

100 साल पहले किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि इंसान खुद ही किसी ऐसी चीज़ की रचना कर देगा, जिससे दुनिया की तमाम सारी जानकारी एक ही स्थान पर बहुत ही आसानी से मिल जाएगी और दुनिया के लगभग सभी देश आपस में जुड़े होंगे।.

इंटरनेट हमारे आज के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है। आज के समय में इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय नेटवर्क बन चुका है। इंटरनेट को आधुनिक और उच्च तकनीकी विज्ञान का आविष्कार भी माना जाता है। दुनिया भर के सभी नेटवर्क इंटरनेट से जुड़े हुए हैं इस तरह से हम इसे नेटवर्कों का नेटवर्क भी कह सकते हैं।

इंटरनेट का अर्थ

इंटरनेट आई. टी. के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला विश्व का सबसे बलशाली और सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसे संक्षिप्त में नेट भी कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े बहुत सारे कम्प्यूटरों का जाल है जो कि उपग्रहों, केवल तंतु प्रणालियों, एल.ए.एन, और वी.ए.एन प्रणालियों तथा टेलीफोनों के जरिए सम्पूर्ण विश्व के करोड़ों कम्प्यूटर्स एवं उपनेटवर्क्स को आपस में जोड़ता है।

दूसरे शब्दों में कहे तो संसाधनों को साँझा करने अथवा सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए टी.सी.पी/आई.पी प्रोटोकॉल के द्वारा दो अथवा कई कम्प्यूटर्स को एक साथ जोड़कर अंत:सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया को इंटरनेट कहते हैं तथा इनके बीच की साँझा करने की प्रकिया को कंप्यूटर नेटवर्क्स कहते है। कंप्यूटर नेटवर्क्स के अनेकों रूप हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख है एल.ए.एन, इंटरनेट एवं इंट्रानेट।

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इंटरनेट का इतिहास एवं आविष्कार

पहले के समय में जब लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नही थी, तो उन्हें कई प्रकार के सामान्य कार्यों के लिये भी कई घंटों तक लाइनों में लगे रहना पड़ता था जैसे रेलवे का टिकट लेने, बिजली का बिल जमा करने तथा आवेदन पत्र जमा करने जैसे कार्यों के लिए काफी दिकक्तों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आधुनिक समय में लोग बस एक क्लिक से टिकट की बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही एक सॉफ्ट कॉपी अपने मोबाईल फोन में भी रख सकते हैं।

इंटरनेट अपने आप में कोई अविष्कार नहीं है। इंटरनेट टेलीफोन, कंप्यूटर व दूसरी तकनीक को इस्तेमाल करके बनाया गया एक ऐसा जाल है जिसमें सूचना व तकनीक का साँझा  उपयोग किया गया है।

1969 में टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट का आविष्कार किया। इसे सबसे पहले सन् 1969 में अमेरिका के प्रतिरक्षा विभाग द्वारा एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क के गुप्त आंकड़ों और सूचनाओं को दूर दराज़ के विभिन्न राज्यों तक भेजने व प्राप्त करने में लाया गया था। हमारे भारत देश में इंटरनेट 1980 के दशक में आया था।

इंटरनेट के सुगम इस्तेमाल को एप्पल नाम की कंपनी ने सन् 1984 में कंप्यूटर में फाइल फोल्डर और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जिसके कारण आज इंटरनेट चलाना बहुत आसान है अगर एप्पल कंपनी नहीं होती तो आज भी हमें कोडिंग करके ही इंटरनेट का इस्तेमाल करना पड़ता।

कंप्यूटर का विकास होने के बाद उनमें जमा आंकड़ों और सूचनाओं के आदान-प्रदान की आवश्यकता अनुभव की गयी और इसी अनुभव ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, सरकार द्वार प्रायोजित कंप्यूटर नेटवर्क तथा शोध व शिक्षा के लिए इंटरनेट का विकास किया गया। धीरे-धीरे इंटरनेट के विकास के साथ इसके फायदे और महत्त्व हर क्षेत्र में दिखाई देने लगे और यह तकनीक पूरी दुनिया में इंटरनेट क्रांति के रूप में फैल गया।

इंटरनेट की दुनिया में, यह कोई ज़रुरी नहीं है कि कोई व्यक्ति अपने व्यापारिक या निजी मुलाकात के लिए घंटों यात्रा करके किसी स्थान पर जाए। आज के समय में हम वीडियों कॉन्फ्रेंस, कॉलिंग, स्काईप या दूसरे तरीकों से अपनी जगह पर रह कर ही किसी भी व्यापारिक या निजी बैठक का हिस्सा बन सकते हैं।

इंटरनेट के प्रारंभिक चरण में इसकी स्पीड के.बी.पी.एस में होती थी, फिर धीरे-धीरे एम.बी.पी.एस और अब जी.बी.पी.एस में इसकी स्पीड होती है, जो की बहुत तेज़ी से सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में काम करती है।

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इंटरनेट का उपयोग

इसकी सुगमता और उपयोगिता की वजह से, ये हर जगह इस्तेमाल होता है जैसे- कार्यस्थल, स्कूल, कॉलेज, बैंक, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्रों पर, दुकान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट, मॉल और खास तौर से अपने घर पर हर एक सदस्यों के द्वारा अलग-अलग उद्देश्यों के लिये। जैसे ही हम अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता को इसके कनेक्शन के लिये पैसे देते है उसी समय से हम इसका प्रयोग दुनिया के किसी भी कोने से एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिये कर सकते है।

ये हमारे इंटरनेट प्लान पर निर्भर करता है। आज के अत्याधुनिक वैज्ञानिक युग में कंप्यूटर हमारे जीवन का मुख्य भाग बन गया है। इसके अभाव में आज हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते आज हम अपने रूम या ऑफिस में बैठे-बैठे देश-विदेश-जहाँ भी चाहें इंटरनेट द्वारा अपना संदेश भेज सकते हैं।

इंटरनेट का महत्व

ये दुनिया के किसी भी जगह से पूरे विश्व भर की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त करने में हमारी मदद करता है। इसके द्वारा हम किसी भी वेबसाइट से कुछ सेकेंडों में ही जानकारी को देख, इकट्ठा और भविष्य के लिये सुरक्षित कर सकते है। मेरे स्कूल के कम्प्यूटर लैब में इंटरनेट की सुविधा है जहाँ हम अपने प्रोजेक्ट से संबंधित जरूरी जानकारी को प्राप्त कर सकते है। इसके साथ ही मेरे कम्प्यूटर शिक्षक मुझे ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने के लिये इंटरनेट के उचित इस्तेमाल की सलाह देते है।

इससे ऑनलाइन संपर्क तेज और आसान हो गया है जिससे संदेश या विडियो कॉनप्रेंस के द्वारा दुनिया में कहीं भी मौजूद लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते है। इसकी मदद से विद्यार्थी अपनी परीक्षा, प्रोजेक्ट, तथा रचनात्मक कार्यों में भाग लेना आदि कर सकता है। इससे विद्यार्थी अपने शिक्षकों और दोस्तों से ऑनलाइन जुड़कर कई सारे विषयों पर

चर्चा कर सकते है। इसकी सहायता से हम लोग विश्व की किसी प्रकार की भी जानकारी प्राप्त कर सकते है जैसे-कहीं की यात्रा के लिये उसका पता तथा सटीक दूरी आदि जान सकते है, वहां जाने के साधन आदि।

कम्प्यूटर सिस्टम

कम्प्यूटर सिस्टम में पासवर्ड और प्रयोक्ता नाम डाल कर अपने खास डाटा को दूसरों से सुरक्षित रख सकते है। इंटरनेट हमें किसी भी ऐप्लिकेशन प्रोग्राम के द्वारा अपने दोस्त, माता-पिता और शिक्षकों को किसी भी क्षण संदेश भेजने की आजादी देता है। ये जान कर आपको हैरानी होगी कि उत्तरी कोरिया, म्यांमार आदि कुछ देशों में इंटरनेट पर पाबंदी है क्योंकि वो इसे बुरा समझते है।

कभी-कभी इंटरनेट से सीधे-तौर पर कुछ भी डाउनलोड करने के दौरान, हमारे कम्प्यूटर में वाइरस, मालवेयर, स्पाइवेयर, और दूसरे गलत प्रकार के प्रोग्राम आ जाते है जो हमारे सिस्टम को नुकसान पहुँचाने का कार्य करते है। ऐसा भी हो सकता है कि हमारे सिस्टम में रखे डाटा को बिना हमारी जानकारी के किसी व्यक्ति द्वारा हैक कर लिया जाये, जिससे हमारी कई प्रकार के नीजी जानकारियों के चोरी होने का भय रहता है।

इन्टरनेट और टेक्नोलॉजी

आज इंटरनेट की वजह से वैज्ञानिक पृथ्वी पर बैठे-बैठे अंतरिक्ष में गए हुए अंतरिक्ष यात्रियों से बात कर सकते हैं और उन्हें देख सकते हैं। पृथ्वी के बाहर घूमते हुए सैटेलाइट पृथ्वी पर इंटरनेट के माध्यम से ही सभी जानकारियाँ दिन-रात भेजती रहती हैं जिसके माध्यम से वैज्ञानिक पृथ्वी पर हो रहे कई प्रकार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखते हैं। इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी व्यक्ति से हम निशुल्क रुप से बात कर सकते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में इंटरनेट का महत्व / भूमिका

इंटरनेट की सफलता का कारण इसकी विशेषता और उपयोगिता बढ़ रही है। इसकी सहजता और उपयोगिता के कारण, इसका उपयोग हर जगह किया जाता है – कार्यस्थल, स्कूल, कॉलेज, आदि।

शिक्षा में इंटरनेट का उपयोग शिक्षक के लिए वरदान है। बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से, शिक्षकों को यह अध्ययन करना चाहिए कि वे क्या पढ़ाना चाहते हैं और फिर इसे स्वयं पढ़ें, तब वे कक्षा में बच्चों को पढ़ा सकते हैं। जो बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर साबित होगा।

आज के समय में, ऑनलाइन ई-बुक के माध्यम से विज्ञान, चिकित्सा, कृषि और सभी प्रकार की शिक्षा को पढ़ना और अध्ययन करना आसान हो गया है। आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी व्यक्ति को अपना संदेश दे या प्राप्त कर सकते हैं।

जब से भारतीय बाजार में Jio की सिम आई है, भारत में इंटरनेट क्रांति आ गई है। अब इंटरनेट केवल गाँव ही नहीं गाँव तक पहुँच गया। जहां जाने का सही रास्ता नहीं है। इंटरनेट भी वहां पहुंच गया है। जो किसी भी संदेश को सभी के लिए आसानी से सुलभ बनाता है।

आजकल दुनिया का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहाँ इंटरनेट का उपयोग नहीं किया जा रहा हो। इंटरनेट सूचनाओं का भंडार है, इसलिए यहां आपको पत्रिका, समाचार पत्र, समाचार, साहित्य, खेल, वर्तमान घटनाओं, जैसी सभी प्रकार की जानकारी मिलेगी।

इसके कारण शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बदलाव आया है क्योंकि पिछड़े क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के कारण वहां के छात्रों को अच्छी शिक्षा मिल रही है, जिसके कारण रोजगार बढ़ रहा है।

देश भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका अथाह ज्ञान, जानकारी, सूचना इसके संचालन के उपयोग को बढ़ाता है। इस फीचर की वजह से यूजर्स की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

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भारत एवं विश्व में इंटरनेट की स्थिति

भारत में इंटरनेट का संचालन किए हुए लगभग 25 साल हो चुके हैं। इंटरनेट का व्यावसायिक उपयोग पहली बार भारत में 1995 में विद्या संचार निगम लिमिटेड (वीएसएनएल) के सौजन्य से किया गया था। उस समय इंटरनेट का उपयोग आसान नहीं था, क्योंकि उस समय 9.6 केबीपीएस स्पीड इंटरनेट के लिए 2.40 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता था,

1995 में, एक एमबी फोटो डाउनलोड करने में लगभग सात मिनट लगते थे क्योंकि उस समय इंटरनेट की गति 2.4 केबीपीएस थी और 2000 में भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 55 लाख का आंकड़ा पार कर गई थी और वर्तमान में भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या अधिक पहुंच गई है 700 मिलियन से अधिक।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में लगभग 3.8 बिलियन लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं। जो पूरी दुनिया की कुल आबादी का आधे से अधिक है। जिसमें 21 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ चीन पहले नंबर पर है और अमेरिका के पास दुनिया के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का केवल 8 प्रतिशत है।

इंटरनेट के लाभ

नेट एक विश्व व्यापी वेब है, जिसकी सहायता से हम दुनिया के किसी भी कोने में पलक झपकते ही अपना मेल या आवश्यक दस्तावेज भेज और प्राप्त कर सकते हैं और कुछ ही क्षणों में किसी भी प्रश्न को हल कर सकते हैं।

यह मनोरंजन का एक बहुत अच्छा माध्यम है और आप बिना किसी शुल्क के दुनिया के किसी भी कोने में घंटों बैठकर किसी से भी बात कर सकते हैं। आप बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के संगीत, गेम, मूवी आदि डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी बोरियत को दूर कर सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से हम नए दोस्त बना सकते हैं, जिससे हमें बहुत सी नई चीजें सीखने को मिलती हैं। हम किसी भी खबर को एक पल में बहुत से लोगों को एक ही शेयर के साथ फैला सकते हैं।

बहुत से लोग इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे रेलवे टिकट बुकिंग, होटल आरक्षण, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन अध्ययन, ऑनलाइन बैंकिंग, नौकरी, खोज आदि प्राप्त करते हैं।

 इंटरनेट की हानियाँ

नेट का उपयोग करना फायदेमंद है, लेकिन सुविधा के कारण, व्यक्तिगत जानकारी की चोरी बढ़ गई है, जैसे क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक कार्ड नंबर आदि। फिशिंग का उपयोग गोपनीय दस्तावेजों को चोरी करने के लिए किया जाता है।

इसके कारण सोशल साइट्स का चलन बढ़ा है। अब लोग बात करने के बजाय परिवार में अकेले रहना पसंद करते हैं। क्योंकि वे सोशल साइट्स पर एक अलग दुनिया बन गए हैं, जिसके कारण परिवार बिखर रहे हैं।

इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग से बच्चों में चिड़चिड़ापन होता है क्योंकि इंटरनेट पर कई हिंसक गेम, वीडियो आदि सामग्री उपलब्ध हैं जो चिड़चिड़ापन को बढ़ावा देती हैं। इसलिए जरूरत के समय इंटरनेट का इस्तेमाल हमेशा करना चाहिए।

एक बार जब कोई व्यक्ति इंटरनेट का उपयोग करता है, तो उसे इसकी आदत हो जाती है और फिर बिना इंटरनेट के एक दिन भी बिताना मुश्किल हो जाता है। इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग से शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव भी होते हैं।

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credit:PointPrism Study Centre

उपसंहार

इंटरनेट हमारा सबसे अच्छा दोस्त है। यह आज की दुनिया में हर किसी के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। इससे हमें फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। इंटरनेट सूचना का एक समूह है जो सर्च इंजन और अन्य वेबसाइटों की मदद से दुनिया के सभी कंप्यूटरों से जानकारी प्रदान करता है। इसलिए हमें इसके नुकसान से भी दूर रहना चाहिए।

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